NPS vs PPF 2026 में रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए बेस्ट ऑप्शन कौन सा है?
रिटायरमेंट की बात करें तो हर किसी के मन में एक ही सवाल होता है, “मेरे बुढ़ापे के दिन अच्छे से कटें, पैसों की दिक्कत न हो।” और ये सोच बिल्कुल सही भी है। आज की महंगाई और बढ़ती उम्र के खर्चों को देखते हुए सही रिटायरमेंट प्लानिंग करना बेहद ज़रूरी है।
भारत में रिटायरमेंट के लिए दो सबसे पॉपुलर और भरोसेमंद स्कीम हैं, NPS (National Pension System) और PPF (Public Provident Fund)। दोनों ही सरकार द्वारा समर्थित हैं, टैक्स बेनिफिट देती हैं, और लंबी अवधि के लिए बेहतरीन मानी जाती हैं। लेकिन सवाल ये है कि NPS vs PPF में किसमें निवेश करना आपके लिए सही रहेगा?
इस आर्टिकल में हम दोनों स्कीम्स को हर एंगल से समझेंगे, जैसे रिटर्न, टैक्स बेनिफिट, लॉक-इन पीरियड, विड्रॉल रूल्स, और रिस्क। ताकि आप अपने लिए सही फैसला ले सकें।
NPS और PPF क्या हैं? Basic समझें।
PPF (Public Provident Fund) क्या है?
PPF एक सरकारी बचत योजना है, जो 1968 से चल रही है। इसमें आप हर साल न्यूनतम ₹500 और अधिकतम ₹1.5 लाख तक जमा कर सकते हैं। ये पूरी तरह सुरक्षित है, क्योंकि इसे भारत सरकार की गारंटी मिली है।
- लॉक-इन पीरियड: 15 साल
- ब्याज दर (2025): 7.1% per annum (quarterly compounding)
- टैक्स बेनिफिट: EEE (Exempt-Exempt-Exempt) यानी जमा, ब्याज और मेच्योरिटी तीनों पर टैक्स नहीं।
NPS (National Pension System) क्या है?
NPS एक मार्केट-लिंक्ड पेंशन स्कीम है जो 2004 में सरकारी कर्मचारियों के लिए शुरू हुई थी, और 2009 से सभी के लिए खोल दी गई। इसमें आपके पैसे Equity, Corporate Bonds, और Government Securities में निवेश होते हैं।
- लॉक-इन पीरियड: 60 साल की उम्र तक
- रिटर्न: मार्केट पर निर्भर, लेकिन ऐतिहासिक रूप से 9-12% CAGR मिला है।
- टैक्स बेनिफिट: Section 80C (₹1.5 लाख) + Section 80CCD(1B) (अतिरिक्त ₹50,000)
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NPS vs PPF 2025 की पूरी तुलना (Comparison Table)
| पैरामीटर | PPF | NPS |
|---|---|---|
| न्यूनतम निवेश | ₹500/वर्ष | ₹1,000/वर्ष (Tier-I) |
| अधिकतम निवेश | ₹1.5 लाख/वर्ष | कोई लिमिट नहीं |
| अवधि (Tenure) | 15 साल (आगे बढ़ा सकते हैं 5-5 साल) | 60 साल की उम्र तक |
| रिटर्न | 7.1% (2025, फिक्स्ड) | 9-12% (मार्केट-लिंक्ड, अनुमानित) |
| रिस्क | कोई रिस्क नहीं (सरकारी गारंटी) | मार्केट रिस्क है। |
| टैक्स बेनिफिट | EEE (पूरी तरह टैक्स फ्री) | EET (मेच्योरिटी पर 60% टैक्स फ्री) |
| Partial Withdrawal | 7वें साल से, कुछ शर्तों के साथ | 60 साल से पहले सिर्फ emergency में |
| लिक्विडिटी | मध्यम (लोन मिल सकता है) | बहुत कम |
| कौन चुने? | Conservative investors | Long-term aggressive planners |
रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए कौन सा बेहतर?
1. रिटर्न और ग्रोथ
अगर आप ज्यादा रिटर्न चाहते हैं, तो NPS आपके लिए बेहतर विकल्प है। PPF में आपको फिक्स्ड 7.1% के लगभग मिलता है, जबकि NPS में लंबी अवधि में 10-12% तक भी रिटर्न मिल सकता है।
उदाहरण: अगर आप 30 साल की उम्र से हर महीने ₹5,000 जमा करें (यानी ₹60,000 प्रति वर्ष), तो:
- PPF में (7.1% पर): 30 साल बाद करीब ₹1.2 करोड़
- NPS में (10% पर): 30 साल बाद करीब ₹1.8 करोड़ से ज्यादा
Insight: मार्केट में थोड़ी हिम्मत रखें तो NPS आपको बेहतर कॉर्पस दे सकता है।
2. सुरक्षा और रिस्क
अगर आप रिस्क नहीं लेना चाहते और 100% सुरक्षित रिटर्न चाहिए, तो PPF बेस्ट है। इसे सरकार की गारंटी है, और मार्केट का कोई असर नहीं होता।
NPS में equity एक्सपोजर होता है, तो मार्केट गिरने पर आपका फंड भी घट सकता है। हालांकि लंबी अवधि में ये रिस्क कम हो जाता है।
3. टैक्स बेनिफिट
- PPF: पूरी तरह टैक्स फ्री, निवेश, ब्याज, मेच्योरिटी सब।
- NPS: Section 80CCD(1B) के तहत अतिरिक्त ₹50,000 की छूट मिलती है, जो PPF में नहीं मिलती। लेकिन मेच्योरिटी पर 40% annuity (पेंशन खरीदनी पड़ती है) में लगाना ज़रूरी है, जिस पर बाद में टैक्स लगता है।
टैक्स सेविंग के लिहाज़ से: PPF ज्यादा फायदेमंद है।
4. लिक्विडिटी और Withdrawal
- PPF: 7वें साल से पार्शियल विड्रॉल की सुविधा है। लोन भी ले सकते हैं (3rd-6th साल में)।
- NPS: 60 साल से पहले सिर्फ गंभीर बीमारी, बच्चे की शादी या पढ़ाई जैसे मामलों में ही withdrawal हो सकती है। लिक्विडिटी बहुत कम है।
अगर आपको बीच में पैसों की ज़रूरत पड़ सकती है, तो PPF बेहतर है।
5. NPS में Annuity का झंझट
NPS में 60 साल की उम्र पर आपको कम से कम 40% रकम से annuity (पेंशन पॉलिसी) खरीदनी होती है। बाकी 60% में से कुछ निकाल सकते हैं।
Annuity से मिलने वाली पेंशन पर इनकम टैक्स लगता है। ये बहुत से लोगों को पसंद नहीं आता।
PPF में ऐसा कोई झंझट नहीं, मेच्योरिटी पर पूरा पैसा आपका, पूरी तरह टैक्स फ्री।
NPS और PPF में किसके लिए कौन सा बेहतर?
PPF चुनें अगर,
- आप रिस्क नहीं लेना चाहते।
- आपको टैक्स-फ्री रिटर्न चाहिए (EEE)।
- आपको बीच में पैसे की ज़रूरत पड़ सकती है।
- आपकी उम्र 40 से ऊपर है, और सेफ प्लान चाहिए।
NPS चुनें अगर,
- आप मार्केट-लिंक्ड हाई रिटर्न चाहते हैं।
- आपकी उम्र 25-35 के बीच है (लंबी अवधि का फायदा)।
- आपको अतिरिक्त ₹50,000 की टैक्स छूट चाहिए।
- आप अनुशासित हैं और 60 तक पैसा नहीं निकालना चाहते।
हमारा सुझाव – दोनों में थोड़ा-थोड़ा निवेश करें! PPF में सुरक्षा, NPS में ग्रोथ, ये बैलेंस रिटायरमेंट को मज़बूत बनाता है।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. क्या मैं NPS और PPF दोनों में एक साथ निवेश कर सकता हूं?
जवाब: हां, बिल्कुल! दोनों में निवेश करना एक स्मार्ट स्ट्रैटेजी है। PPF आपको सुरक्षा देगा और NPS आपको बेहतर रिटर्न। दोनों के टैक्स बेनिफिट भी अलग-अलग हैं, तो आप ज्यादा टैक्स बचा सकते हैं।
Q2. क्या NPS से 60 साल से पहले पैसे निकाल सकते हैं?
जवाब: हां, लेकिन सिर्फ विशेष परिस्थितियों में जैसे गंभीर बीमारी, बच्चों की शादी या उच्च शिक्षा। और वो भी अपने कुल फंड का सिर्फ 25% तक। इसलिए NPS में लिक्विडिटी बहुत कम है।
Q3. 2025 में PPF में कितना रिटर्न मिलता है?
जवाब: 2025 में PPF की ब्याज दर 7.1% प्रति वर्ष है। ये quarterly compounding के साथ मिलता है, और पूरी तरह टैक्स फ्री है।
Q4. क्या NPS का टैक्स बेनिफिट PPF से ज्यादा है?
जवाब: NPS में आपको Section 80CCD(1B) के तहत अतिरिक्त ₹50,000 की छूट मिलती है, जो PPF में नहीं मिलती। लेकिन PPF में मेच्योरिटी पूरी तरह टैक्स फ्री है, जबकि NPS में annuity पर टैक्स लगता है।
Q5. रिटायरमेंट के लिए कितना निवेश करना चाहिए?
जवाब: कोई फिक्स्ड अमाउंट नहीं है, ये आपकी इनकम, लाइफस्टाइल, और गोल्स पर निर्भर करता है। आम तौर पर अपनी सैलरी का 15-20% रिटायरमेंट प्लानिंग में लगाना सही माना जाता है। जितनी जल्दी शुरू करेंगे, उतना कम निवेश करना पड़ेगा।
निष्कर्ष
NPS और PPF दोनों ही अपनी जगह बेहतरीन हैं। अगर आप सुरक्षा, टैक्स फ्री रिटर्न, और थोड़ी लिक्विडिटी चाहते हैं, तो PPF एक शानदार विकल्प है। वहीं अगर आप हाई रिटर्न, अतिरिक्त टैक्स बेनिफिट, और मार्केट के साथ बढ़ना चाहते हैं, तो NPS से बेहतर कुछ नहीं।
सबसे बेहतरीन रणनीति है, दोनों में निवेश करें। जैसे PPF में ₹1 लाख और NPS में ₹1 लाख। इससे आपको सुरक्षा भी मिलेगी और ग्रोथ भी। याद रखें, सही रिटायरमेंट प्लानिंग वो है, जो जल्दी शुरू हो, नियमित हो, और आपके गोल्स के हिसाब से हो।
हम मानते हैं कि रिटायरमेंट प्लानिंग सिर्फ पैसे जोड़ना नहीं है, ये अपने सपनों की ज़िंदगी को सुरक्षित करना है। NPS और PPF दोनों ही बेहतरीन विकल्प हैं, लेकिन आपकी उम्र, रिस्क लेने की क्षमता, और फाइनेंशियल गोल्स के हिसाब से फैसला लें। अगर आप कन्फ्यूज़ हैं, तो किसी SEBI Registered Financial Advisor से बात करें। और हां, जितनी जल्दी शुरुआत करेंगे, उतना ही बेहतर रिजल्ट मिलेगा।
डिस्क्लेमर: हम किसी भी निवेश के लिए सुझाव नहीं करते हैं। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर करें। यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है।







