Salary Account और Savings Account में क्या अंतर है ? कौन सा बेहतर है? जाने पूरी जानकारी
बैंक में अकाउंट खुलवाना हो तो अक्सर दो नाम सुनने को मिलते हैं, Salary Account और Savings Account। पहली नौकरी लगने पर HR Department आपको Salary Account खुलवाने के लिए कहता है, लेकिन बाद में सवाल उठता है कि क्या यह आपके पुराने Savings Account से अलग है? और अगर नौकरी छोड़ दी तो क्या होगा?
यह सवाल सिर्फ नए जॉब करने वालों का नहीं है, बल्कि बहुत से लोग यह समझ नहीं पाते कि दोनों अकाउंट में असली अंतर क्या है और उनके लिए कौन सा बेहतर रहेगा। आज हम इसी को आसान भाषा में समझेंगे, बिना किसी बैंकिंग जारगन के।
इस आर्टिकल में आप जानेंगे कि Salary Account और Savings Account में मुख्य अंतर क्या हैं, किस अकाउंट में क्या फायदे मिलते हैं, और आपकी जरूरत के हिसाब से कौन सा विकल्प सही है।
Salary Account क्या होता है?
Salary Account एक खास तरह का बैंक अकाउंट है, जो सिर्फ सैलरी पाने वाले कर्मचारियों के लिए बनाया जाता है। यह अकाउंट आपकी कंपनी और बैंक के बीच एक tie-up agreement के तहत खुलता है।
Salary Account की खासियतें।
Zero Balance की सुविधा – इसमें आपको कोई Minimum Balance रखने की जरूरत नहीं होती। अगर आपके अकाउंट में ₹0 भी पड़े हैं, तो कोई पेनल्टी नहीं लगती।
ऑटोमैटिक कन्वर्ट – अगर लगातार 2-3 महीने तक आपके अकाउंट में सैलरी नहीं आई, तो यह अकाउंट automatically Savings Account में बदल जाता है। फिर आपको Minimum Balance maintain करना पड़ता है।
कंपनी का टाईअप जरूरी – आप खुद से कहीं भी जाकर Salary Account नहीं खुलवा सकते। यह सिर्फ तब खुलता है जब आपकी कंपनी उस बैंक के साथ tie-up कर रखा हो।
Pre-approved Loan और Credit Card – कुछ बैंक अच्छी सैलरी वाले ग्राहकों को Personal Loan और Credit Card के pre-approved offers देते हैं।
Savings Account क्या होता है?
Savings Account एक सामान्य बैंक अकाउंट है जो कोई भी व्यक्ति खुलवा सकता है, चाहे वो नौकरीपेशा हो, बिजनेसमैन हो, स्टूडेंट हो या हाउसवाइफ।
Savings Account की मुख्य बातें।
Minimum Balance जरूरी – ज्यादातर बैंकों में आपको Monthly Average Balance (MAB) maintain करना होता है। यह शहर के हिसाब से ₹1,000 से ₹10,000 तक हो सकता है। अगर बैलेंस कम रहा, तो ₹100 से ₹500 तक penalty लगती है।
Interest मिलता है – Savings Account में जमा पैसों पर बैंक आपको 3% से 4% सालाना ब्याज देते हैं (latest public data available as of 2025)। कुछ डिजिटल बैंक 6-7% तक भी ब्याज देते हैं।
खुद से खुलवा सकते हैं – आप किसी भी बैंक में जाकर KYC documents के साथ अकाउंट खुलवा सकते हैं।
लंबे समय तक चलता है – यह अकाउंट तब तक चलता रहता है, जब तक आप इसे खुद बंद नहीं करते या बैंक के नियमों का उल्लंघन नहीं करते।
यह भी पढ़ें: Savings Account क्या है? फायदे, नुकसान और Best Account कैसे चुनें। डीटेल जानकारी।
Salary Account vs Savings Account में मुख्य अंतर।
| विशेषता | Salary Account | Savings Account |
|---|---|---|
| Minimum Balance | जरूरी नहीं (Zero Balance) | जरूरी (₹1,000–₹10,000) |
| कौन खोल सकता है? | सिर्फ सैलरीड कर्मचारी (कंपनी tie-up से) | कोई भी व्यक्ति |
| Interest Rate | 2.7%–3.5% (आमतौर पर कम) | 3%–4% (कुछ में ज्यादा) |
| Auto Conversion | हाँ (अगर सैलरी नहीं आई) | नहीं |
| Special Benefits | Pre-approved loans, higher ATM limits | FD, RD जैसे प्रोडक्ट link कर सकते हैं। |
| Penalty (Balance कम होने पर) | कोई नहीं | ₹100–₹500 |
आपके लिए कौन सा अकाउंट बेहतर है?
Salary Account कब चुनें।
- अगर आप नई नौकरी में हैं, और कंपनी किसी खास बैंक में अकाउंट खुलवाने को कह रही है।
- अगर आप Minimum Balance maintain करने का झंझट नहीं लेना चाहते।
- अगर आपको loan या credit card की जल्दी जरूरत पड़ सकती है।
Savings Account कब बेहतर।
- अगर आप फ्रीलांसर, बिजनेसमैन या self-employed हैं।
- अगर आप अपने पैसे को FD, RD या Mutual Fund SIP से link करना चाहते हैं।
- अगर आपको ज्यादा interest चाहिए और आप MAB maintain कर सकते हैं।
- अगर आप नौकरी बदलते रहते हैं और हर बार नया अकाउंट नहीं खुलवाना चाहते।
एक्सपर्ट टिप – दोनों अकाउंट साथ रखें
अगर संभव हो तो एक अच्छा तरीका यह है, कि आप Salary Account में सिर्फ सैलरी receive करें, और फिर जरूरत के हिसाब से पैसे अपने मुख्य Savings Account में ट्रांसफर कर दें। इससे,
- Salary Account में zero balance रहेगी, कोई झंझट नहीं।
- Savings Account में आपका असली पैसा रहेगा, जिस पर अच्छा interest मिलेगा।
- Emergency में दोनों अकाउंट काम आएंगे।
बस ध्यान रखें कि जिस Savings Account को आप primary account की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं, उसमें Minimum Balance जरूर maintain करें।
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पूछे जाने वाले सवाल
Q1: क्या Salary Account में भी Interest मिलता है?
जवाब: हाँ, Salary Account में भी interest मिलता है, लेकिन यह Savings Account से थोड़ा कम होता है, आमतौर पर 2.7% से 3.5% के बीच। कुछ बैंक दोनों में समान interest भी देते हैं।
Q2: अगर नौकरी छोड़ दी तो Salary Account का क्या होगा?
जवाब: अगर लगातार 2-3 महीने सैलरी credit नहीं हुई, तो बैंक इसे Savings Account में convert कर देता है। फिर आपको Minimum Balance maintain करना होगा, वरना penalty लगेगी।
Q3: क्या मैं एक ही बैंक में Salary और Savings दोनों अकाउंट रख सकता हूँ?
जवाब: बिल्कुल। कई लोग एक ही बैंक में दोनों अकाउंट रखते हैं। लेकिन ज्यादातर बैंक दो Savings Account नहीं खुलने देते, इसलिए अगर आपका पहले से Savings Account है, तो Salary Account अलग खुलेगा।
Q4: Salary Account में Minimum Balance न रखने पर क्या फायदा है?
जवाब: Zero Balance की सुविधा से आप पूरी सैलरी निकाल सकते हैं या दूसरे अकाउंट में भेज सकते हैं, बिना किसी penalty के डर के। यह खासकर उन लोगों के लिए अच्छा है जिनकी सैलरी कम है।
Q5: क्या मैं Salary Account को Savings Account में खुद convert करवा सकता हूँ?
जवाब: हाँ, आप बैंक में जाकर request कर सकते हैं। लेकिन फिर आपको Minimum Balance maintain करनी होगा और कुछ benefits खत्म हो सकते हैं।
निष्कर्ष
Salary Account और Savings Account दोनों की अपनी-अपनी जगह सही है। अगर आप नौकरीपेशा हैं तो Salary Account आपके लिए सुविधाजनक है, क्योंकि इसमें zero balance की छूट मिलती है। लेकिन अगर आप long-term financial planning करना चाहते हैं, investments करना चाहते हैं, या बेहतर interest चाहते हैं, तो Savings Account ज्यादा उपयोगी साबित होता है।
सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप दोनों को समझदारी से इस्तेमाल करें। Salary Account में सैलरी आने दें, और फिर अपनी बचत और खर्चों को एक मजबूत Savings Account से मैनेज करें। इससे आपको दोनों के फायदे मिल जाएंगे। ध्यान रखें, अकाउंट चुनते समय सिर्फ zero balance की सुविधा नहीं, बल्कि interest rate, ATM withdrawal limit, online banking, और customer service भी देखें। आखिरकार, यह आपका पैसा है और आपको इसे समझदारी से manage करना है।







