बचत को बैंक में रखे या म्यूचुअल फंड में? 2025 में पैसे बढ़ाने का स्मार्ट तरीका

बचत को बैंक में रखे या म्यूचुअल फंड में? पैसे बढ़ाने का स्मार्ट तरीका

क्या आपके पास भी हर महीने कुछ पैसे बचते हैं, और आप सोचते हैं कि इन्हें कहाँ रखें? सेविंग अकाउंट में पड़े रहने दें या म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट कर दें?

यह सवाल आज हर नौकरीपेशा, बिजनेसमैन, और युवा के मन में है। एक तरफ बैंक अकाउंट की सिक्योरिटी और तुरंत पैसे निकालने की सुविधा है, तो दूसरी तरफ म्युचुअल फंड से मिलने वाला 8-12% या उससे ज्यादा का कंपाउंडिंग रिटर्न है।

इस आर्टिकल में हम सेविंग अकाउंट vs म्यूचुअल फंड की तुलना करेंगे और आपको बताएंगे कि आपकी बचत के लिए क्या बेहतर है? या फिर दोनों में बैलेंस बनाकर रखना चाहिए? आइए आसान भाषा में समझते हैं।

बचत बैंक में पड़ी रहती है, लेकिन बढ़ती नहीं।

भारत में ज्यादातर लोग अपनी बचत सेविंग अकाउंट में ही रखते हैं। RBI के आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 में भारतीय बैंकों में करीब ₹20 लाख करोड़ से ज्यादा की रकम सेविंग्स अकाउंट में जमा है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह पैसा सही तरीके से बढ़ रहा है?

आज के समय में ज्यादातर बैंक्स सेविंग अकाउंट पर सिर्फ 2.7% से 3.5% सालाना ब्याज दे रहे हैं। वहीं महंगाई की दर (Inflation) 5-6% के आसपास है। मतलब, आपकी बचत असल में घट रही है, बढ़ नहीं रही।

उदाहरण से समझें: यदि आपके पास ₹1,00,000 हैं और आप इसे सेविंग अकाउंट में रखते हैं, तो 3% ब्याज के हिसाब से एक साल बाद आपके पास ₹1,03,000 होंगे। लेकिन अगर महंगाई 6% है, तो वास्तव में आपकी क्रय शक्ति (Purchasing Power) कम हो गई।

यह फैसला क्यों मायने रखता है?

आपकी मेहनत की कमाई को सही जगह रखना बहुत जरूरी है। गलत जगह पैसा रखने से,

  • महंगाई आपकी बचत को खा जाती है।
  • लॉन्ग टर्म गोल्स (घर, बच्चों की पढ़ाई, रिटायरमेंट) पूरे नहीं हो पाते।
  • Financial Freedom मिलने में देरी होती है।

SEBI की 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, जिन लोगों ने पिछले 10 साल में म्युचुअल फंड्स में SIP (व्यवस्थित निवेश योजना) की, उन्हें औसतन 12-15% का सालाना रिटर्न मिला हैं। यह बैंक की तुलना में 4 गुना ज्यादा है।

सेविंग अकाउंट vs म्यूचुअल फंड की पूरी तुलना

आइए, सेविंग अकाउंट vs म्यूचुअल फंड की तुलना विस्तार से करते हैं।

1. रिटर्न (Returns)

सेविंग अकाउंटम्यूचुअल फंड
2.7% – 3.5% प्रति वर्षEquity Funds: 10-15% (लॉन्ग टर्म)
फिक्स्ड रिटर्नDebt Funds: 6-9% (शॉर्ट टर्म)
महंगाई से कममहंगाई से ज्यादा

उदाहरण: ₹10,000 महीने की SIP अगर आप 10 साल तक करते हैं (कुल निवेश ₹12 लाख), तो 12% रिटर्न पर आपको करीब ₹23 लाख मिल सकते हैं। वहीं बैंक में यही पैसा 3% ब्याज पर सिर्फ ₹14 लाख बनेगा।

2. जोखिम (Risk)

सेविंग अकाउंट – बिल्कुल सेफ। ₹5 लाख तक की रकम DICGC (Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation) द्वारा इंश्योर्ड होती है।

म्यूचुअल फंड – मार्केट लिंक्ड। शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव हो सकता है, लेकिन लॉन्ग टर्म (5+ साल) में रिस्क काफी कम हो जाता है।

3. लिक्विडिटी (Liquidity)

सेविंग अकाउंट – तुरंत  ATM, UPI, Net Banking से पैसे निकाल सकते हैं।

म्यूचुअल फंड – Liquid Funds से 24 घंटे में पैसे मिल सकते हैं। Equity Funds में 2-3 दिन लगते हैं।

4. टैक्स (Tax Benefits)

सेविंग अकाउंट: ब्याज पर टैक्स लगता है (Section 80TTA के तहत ₹10,000 तक की छूट)।

म्यूचुअल फंड:

  • Equity Funds में 1 साल बाद बेचने पर ₹1.25 लाख तक का गेन टैक्स फ्री। उसके बाद 12.5% LTCG Tax।
  • Debt Funds में नए टैक्स नियम के अनुसार आपकी टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है।

5. फ्लेक्सिबिलिटी

सेविंग अकाउंट – कभी भी, कितना भी निकाल सकते हैं।

म्यूचुअल फंड – SIP ₹500 से शुरू कर सकते हैं। और कभी भी रोक या बढ़ा सकते हैं।

तो फिर सही स्ट्रेटेजी क्या है?

असल में यह “या तो” का सवाल नहीं है। स्मार्ट तरीका है दोनों में बैलेंस बनाकर रखना।

3 बकेट स्ट्रेटेजी (Expert Advice):

बकेट 1: इमरजेंसी फंड बैंक में रखें।

  • अपने 6 महीने के खर्च के बराबर पैसे सेविंग अकाउंट या Liquid Fund में रखें।
  • यह आपकी सेफ्टी नेट है।
  • उदाहरण: अगर महीने का खर्च ₹30,000 है, तो ₹1.8 लाख Emergency Fund बनाएं।

बकेट 2: शॉर्ट टर्म गोल्स Debt म्यूचुअल फंडs में रखें।

  • 1-3 साल में जो खर्च करना है (कार, शादी, छुट्टी), उसके लिए।
  • Liquid Funds, Ultra Short Duration Funds में इन्वेस्ट करें।
  • यहा 6-7% रिटर्न मिल सकता है।

बकेट 3: लॉन्ग टर्म गोल्स Equity म्यूचुअल फंडस् में रखें।

  • 5+ साल के गोल्स के लिए, जैसे घर, बच्चों की पढ़ाई, रिटायरमेंट।
  • SIP के जरिए हर महीने इन्वेस्ट करें।
  • Diversified Equity Funds, Index Funds चुनें।
  • यहा 10-15% रिटर्न की संभावना रहती हैं।

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आसान टिप्स से अपनी बचत को स्मार्ट तरीके से बढ़ाएं।

  • पहले इमरजेंसी फंड बनाएं,बिना इसके कहीं इन्वेस्ट न करें।
  • SIP शुरू करें, ₹500-1000 से भी शुरुआत कर सकते हैं। Zerodha, Groww, PayTm Money जैसे Apps से आसानी से कर सकते हैं।
  • अपने गोल्स लिखें, क्या चाहिए और कब तक? इससे सही Fund चुनना आसान होगा।
  • Diversify करें: सारे अंडे एक टोकरी में न रखें, बैंक, Debt Funds, Equity Funds में बांटें।
  • पेशेंस रखें, म्युचुअल फंड्स में कम से कम 3-5 साल का नजरिया रखें।
  • Expense Ratio चेक करें, कम एक्सपेंस रेशियो (1% से कम बेहतर) वाले Funds चुनें।

निष्कर्ष

सेविंग अकाउंट vs म्यूचुअल फंड की लड़ाई में कोई एक विजेता नहीं है। दोनों की अपनी जगह है। बैंक अकाउंट आपकी आज की जरूरतों के लिए है, और म्युचुअल फंड आपके कल के सपनों के लिए। सही बैलेंस बनाइए, स्मार्ट तरीके से इन्वेस्ट कीजिए, और अपने पैसों को अपने लिए काम करने दीजिए।

याद रखें — “बचत अच्छी है, लेकिन स्मार्ट इन्वेस्टिंग भविष्य के लिए बेहतर है!”

हम मानते हैं, कि Financial Freedom का पहला कदम है सही जानकारी। सेविंग अकाउंट जरूर रखें, लेकिन उसमें सिर्फ वही पैसा रखें जो आपको तुरंत चाहिए। बाकी बचत को म्युचुअल फंड्स जैसे बेहतर ऑप्शन्स में लगाएं।

छोटी-छोटी SIP से शुरुआत करें। समय के साथ चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding Interest) का जादू आपको अमीर बना सकता है। लेकिन ध्यान रहे हम किसी भी इन्वेस्टमेंट के लिए सुझाव नहीं करते हैं, निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल 1: क्या मुझे अपने सारे पैसे सेविंग अकाउंट से निकालकर म्यूचुअल फंड में डाल देने चाहिए?

जवाब: बिल्कुल नहीं। कम से कम 6 महीने का Emergency Fund सेविंग अकाउंट में जरूर रखें। बाकी पैसों को अपने गोल्स और टाइम पीरियड के हिसाब से सही फंड में इन्वेस्ट करें।

सवाल 2: म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करने के लिए कितने पैसे चाहिए?

जवाब: आज के समय में आप ₹100 से भी SIP शुरू कर सकते हैं। ज्यादातर Funds में minimum SIP amount ₹500 है।

सवाल 3: अगर मुझे अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाए तो म्यूचुअल फंड से तुरंत निकाल सकता हूं?

जवाब: हां, Liquid Funds से 24 घंटे में पैसे मिल जाते हैं। Equity Funds में redemption (पैसे निकालना) में 2-3 working days लगते हैं।

सवाल 4: सेविंग अकाउंट में 3% ब्याज मिलता है, तो क्या यह बुरा ऑप्शन है?

जवाब: बुरा नहीं, लेकिन लिमिटेड है। Emergency Fund और डेली खर्चों के लिए सेविंग अकाउंट परफेक्ट है, लेकिन wealth बनाने के लिए म्युचुअल फंड्स, FD, या अन्य ऑप्शन्स बेहतर हैं।

सवाल 5: मैं म्यूचुअल फंड में नया हूं, कहां से शुरू करूं?

जवाब: सबसे पहले अपने गोल्स तय करें। फिर Groww, Zerodha Coin, या PayTM Money जैसे Apps से Index Funds या Balanced Funds में SIP शुरू करें। शुरुआत में किसी SEBI registered advisor से बात कर सकते हैं।

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